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बिहार भारतके पुरबी भागमे स्थित एगो राज्ज हई जेकर राजधानी पटना हई। इ जनसङ्ख्याके दृष्टिसे भारतके तीसरा सबसे बड़का परदेस हई जखनी कि ९४,१६३ बर्ग् किमी क्षेत्रफलके साथे बारहमा बड़का परदेस होलई। बिहार बिस्व के चौथा सबसे अधिक जनसङ्ख्या बाला उपराष्ट्रीय इकाईयो हई। १५ नबम्बर्, २००० ई॰ के बिहारके दक्खिनी भागके अलगे करके एगो नया राज्ज झारखण्ड बनावल् गेलई । बिहारके उत्तरमे नेपाल, दक्खिन मेँ झारखण्ड, पुरबमे पच्छिम बङ्गाल, आउ पच्छिममे उत्तरपरदेस बिदमान हई । इ क्षेत्र गङ्गानदी आउ ओकर सहायक नदियनके उपजाऊ मैदनवनमे बसहई । गङ्गा एकरामे पच्छी दने से पुरबके दने बहहई।

बिहार कए जनसङ्ख्याके अधिकतर भाग देहाती हई आउ खाली ११.३ प्रतिसत् लोग नगरमे रहहथिन् । एकर् अतिरिक्त् बिहारके ५८% लोग २५ बरससे कम आयुके हथिन्। हिन्दी आउ उर्दू एहाँके राजभासा हई, पर औरो भासा प्रचलित् हई जेकरामे भोजपुरी, मगही आउ मैथलियो हई।

प्राचीन आउ मध्धकालीन भारतमे जे क्षेत्र अभी बिहार हई, ओकरा राजनीतिक आउ सान्स्कृतिक सक्तिके केन्द्र मानल् जा हलई आउ पढ़ेला एक स्वर्ग मानल् जाहलई। मगध से भारत के पहेला सम्राज, मौर्य सम्राज, साथ ओकरे साथे बिस्बके सबसे ब्यापक धरम मेसे एक बौद्धधरमके उदय होलई । मगध साम्राज्य, बिसेसरूप से मौर्य आउ गुप्त राजबन्सोके अन्दर्, एगो केन्द्रीय सासनके तहत दक्खिन एसियाके बड़का भागके एकमे मिलैलकै । बिहारके एगो आउ क्षेत्र मिथिला हई जे सिक्षाके प्रारम्भिक केन्द्र आउ बिदेह सम्राजके केन्द्र हलई । बिहार नामके प्रादुर्भाव बौद्ध सन्यासियनके ठहरेके स्थान् 'विहार' सब्दसे होलई, एहिसे 'बिहार', 'विहार' के अपभ्रन्श होलई । १२ फर्बरी १९४८ मे महात्मा गान्धी अस्थि कलश् जाउन् १२ तट पर बिसर्जित करल् गेलईहल्, त्रिमोहिनी सङ्गमो ओकरामे से एक हई।

नाम के उत्पत्तिEdit

बिहार नाम सन्स्कृत आउ पाली सब्द विहार से लेल् गेलीहे, जेकर् मतलब् हई "निवास"। मोटा-मोटी बर्तमान् राज्जके घेरे बाला इ क्षेत्रमे बडी मनी बौद्ध विहार हलई, जे प्राचीन आउ मध्धजुगमे बौद्ध भिक्षुअनके निवास स्थान हलई । मधकालीन लेखक मिन्हाज् अल्-सिराज् जुजानी तबक़त्-ए-नासिरीमे रिकॉर्ड् करकि हेकि ११९८ मे बख्तियार् खिलजी बोधगया से लगभग ७० किमी दूर, इ सब्दसे पहचाने जाए बाला नगरमे एगो नरसन्हार करकि हल्, जेकरा बादमे बिहार शरीफ् के नाम से जानल् जाहई ।

जनसाङ्ख्यिकीEdit

२०११ के जनगणनामे बिहार भारतके तीसरा सबसे अधिक जनसङ्ख्या बाला राज्ज हलई, जेकर् कुल जनसङ्ख्या १०,४०,९९,४५२ हलई, जेकरामे लगभग ८९% देहाती हलई । इ ११,०६ ब्यक्ति प्रति बर्ग् किलोमीटर् के साथे भारतके सबसे घनी जनसङ्ख्या बाला राज्जो हई । लिङ्गानुपात प्रति १००० पुरुस पर ९१८ महिलाके हलई । बिहारके लगभग ५८ प्रतिसत् जनसङ्ख्या २५ बरस से कम आयुके हई, जे भारतमे सबसे अधिक हई । ११.३% पर, बिहारमे हिमाचलपरदेसके बाद भारतमे दूसरा सबसे कम नगरीकरन दर हई । २०११ के जनगणनाके अनुसार, हिन्दु धरम ८२.७% जनसङ्ख्या द्वारा मानल् जा हई आउ इस्लाम् कुल जनसङ्ख्याके १६.९% के द्वारा । बिहारमे ईसाई धरम (०.१२%), बौद्धधरम (०.०२%) आउ सिखधरम (०.०२%) धरममे अल्पसङ्ख्यक हथिन् ।

बिहारके अधिकान्स जनसङ्ख्या हिन्द-आर्यभासा जाती समूहवनके हई । १९४७ मे ब्रिटानीय भारतके विभाजनके दौरान इ पञ्जाबी हिन्दु सरनार्थियोके आकर्सित करकई । बिहारके कुल साक्षरता दर ६३.८२% हई (पुरुषनला ७३.३९% आउ महिलनला ५३.३३%), पिछला दसकमे महिला साक्षरतामे २०% के बृद्धि दर्ज् करल् गलीहे ।

हिन्दी राज्जके अधिकारिक भासा हई आउ कुल जनसङ्ख्याके २५.५४% भाग द्वारा बोलल् जा हई । ८.४२% के साथे राज्यके १५ मण्डलमे उर्दू दूसरा अधिकारिक भासा हई । हालाङ्कि, अधिकान्स लोग बिहारीभासामे से कोइ एक बोलहथिन्, जेकरामे से अधिकान्सके जनगणनामे हिन्दीके बोलीके रूपमे मानल् जा हई । परमुख भासा हथिन् भोजपुरी (२४.८६%), मैथिली (१२.५५%) आउ मगही (१०.८७%) । मैथिली भारतके संबिधानके अठमा अनुसूचीके तहत भारतके एक मान्यता प्राप्त क्षेत्रीयभासा हई । समर्थक भोजपुरी, मगही, अङ्गिका आउ बज्जिकाके समान दर्जा प्राप्त करेला माङ्ग करहथिन् । बाङ्ला आउ सुरजापुरी बोले बालाके छोट समुदाय राज्जके कुछ भागमे मिलहथिन्, बिसेसकर् पूरबी मण्डल आउ नगरी क्षेत्रमे ।